गोरा रंग को कब सुंदरता की निशानी बनाया गया
गोरा रंग को कब सुंदरता की निशानी बनाया गया
भारत में इंसान के नस्ली भेदभाव को दर्शाते विभिन्न चैनलों में आपको हजारों विज्ञापन मिल जाएंगे जिममें चमड़ी का रंग गोरा करने की क्रीमों का प्रचार किया जाता है। इसमें हर माह करोड़ों रुपए का मुनाफा कमाया जाता है। आप भारत के किसी भी 5 सितारा होटल में चले जाएं वहां आपको अधिकांश महिलाएं गोरे रंग की ही मिलेंगी, किसी भी एयरलाइंय में गोरे रंग की ही एयर होस्टेस मिलेंगी, प्राइवेट सैक्टरों में भी आपको ऐसा ही कुछ देखने को मिलेगा। पश्चिमी देशों से जब श्वेत लोग भारत में आते हैं तो देखते हैं कि भारतीय लोगों का सांवला रंग कितना आकर्षक है लेकिन इन लोगों को अपने इस रंग के कारण हीन भावना ही रहती है।
यह लोग अपनी भाषा के प्रति भी हीन ही हैं और जब हम उनसे बात करते हैं तो वे अंग्रेजी में बात करके गौरव महसूस करते हैं। यह हीनता सैंकड़ों सालों की गुलामी से ही आई है।
भारत सरकार ने रंगभेद के नस्ली विज्ञापनों पर रोक लगाने का फैसला किया है। ऐसा करने पर 50 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। भारत के लोगों का रंग सांवला है और दुनिया के सबसे सुंदर लोगों में भारत के लोग हैं। उन्हें अपने सांवलेपन के लिए गौरव महसूस करना चाहिए।
सांवलेपन में मैलेनिन नाम का पिगमेंट होता हैं जो इनके धूप की रोशनी में चमड़ी के कैंसर से बचाता है इसलिए भारतीय लोग दुनिया के किसी भी देश में आराम से रह लेते हैं। वहीं गोरे लोगों की चमड़ी धूप को बर्दाश्त नहीं कर सकती और वे चमड़ी में जलन व कैंसर आदि से जल्दी ग्रसित हो जाते हैं।
हमें अपने बच्चों को स्वीकार करना सिखाना होगा कि वे सांवले रंग में बहुत सुंदर हैं, इस रंग को हल्का करने की कोशिश न करो।
भारतीय धार्मिक परिदृश्य में सांवलापन- भगवान कृष्ण सांवले, राम जी सांवले, भगवान शिव सांवले, पांडव सांवले, द्रोपदी, मां काली, भगवान गणेष आदि लगभग 90 प्रतिशत देवी-देवता प्राकृतिक रंग सांवले में हैं और इनको इन्हीं रूपों में ही पूजा जाता है और पुकारा भी जाता है।
हम भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों को ईश्वर में सांवले रंग का उपहार दिया है जो हमें विभिन्न चमड़ी के रोगों से बचाता है। सांवलेपन के बारे में हमें अपनी उपनिवेशिक गुलामी वाली सोच को बदलना होगा। हम जैसे हैं वैसे ही हमें स्वयं को स्वीकारना सीखना होगा। हमें अपनी भाषा,संस्कृति व धार्मिक चिन्हों को भी गर्व से स्वीकार करना होगा। गर्व से कहना होगा कि येस आई एम ब्लैक, येस आईएमब्राऊन।
भारत में इंसान के नस्ली भेदभाव को दर्शाते विभिन्न चैनलों में आपको हजारों विज्ञापन मिल जाएंगे जिममें चमड़ी का रंग गोरा करने की क्रीमों का प्रचार किया जाता है। इसमें हर माह करोड़ों रुपए का मुनाफा कमाया जाता है। आप भारत के किसी भी 5 सितारा होटल में चले जाएं वहां आपको अधिकांश महिलाएं गोरे रंग की ही मिलेंगी, किसी भी एयरलाइंय में गोरे रंग की ही एयर होस्टेस मिलेंगी, प्राइवेट सैक्टरों में भी आपको ऐसा ही कुछ देखने को मिलेगा। पश्चिमी देशों से जब श्वेत लोग भारत में आते हैं तो देखते हैं कि भारतीय लोगों का सांवला रंग कितना आकर्षक है लेकिन इन लोगों को अपने इस रंग के कारण हीन भावना ही रहती है।
यह लोग अपनी भाषा के प्रति भी हीन ही हैं और जब हम उनसे बात करते हैं तो वे अंग्रेजी में बात करके गौरव महसूस करते हैं। यह हीनता सैंकड़ों सालों की गुलामी से ही आई है।
भारत सरकार ने रंगभेद के नस्ली विज्ञापनों पर रोक लगाने का फैसला किया है। ऐसा करने पर 50 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। भारत के लोगों का रंग सांवला है और दुनिया के सबसे सुंदर लोगों में भारत के लोग हैं। उन्हें अपने सांवलेपन के लिए गौरव महसूस करना चाहिए।
सांवलेपन में मैलेनिन नाम का पिगमेंट होता हैं जो इनके धूप की रोशनी में चमड़ी के कैंसर से बचाता है इसलिए भारतीय लोग दुनिया के किसी भी देश में आराम से रह लेते हैं। वहीं गोरे लोगों की चमड़ी धूप को बर्दाश्त नहीं कर सकती और वे चमड़ी में जलन व कैंसर आदि से जल्दी ग्रसित हो जाते हैं।
हमें अपने बच्चों को स्वीकार करना सिखाना होगा कि वे सांवले रंग में बहुत सुंदर हैं, इस रंग को हल्का करने की कोशिश न करो।
भारतीय धार्मिक परिदृश्य में सांवलापन- भगवान कृष्ण सांवले, राम जी सांवले, भगवान शिव सांवले, पांडव सांवले, द्रोपदी, मां काली, भगवान गणेष आदि लगभग 90 प्रतिशत देवी-देवता प्राकृतिक रंग सांवले में हैं और इनको इन्हीं रूपों में ही पूजा जाता है और पुकारा भी जाता है।
हम भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों को ईश्वर में सांवले रंग का उपहार दिया है जो हमें विभिन्न चमड़ी के रोगों से बचाता है। सांवलेपन के बारे में हमें अपनी उपनिवेशिक गुलामी वाली सोच को बदलना होगा। हम जैसे हैं वैसे ही हमें स्वयं को स्वीकारना सीखना होगा। हमें अपनी भाषा,संस्कृति व धार्मिक चिन्हों को भी गर्व से स्वीकार करना होगा। गर्व से कहना होगा कि येस आई एम ब्लैक, येस आईएमब्राऊन।
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