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Showing posts from April, 2018

अंग्रेज जो चाहते थे चमचे वही करते थे

अंग्रेज जो चाहते थे चमचे वही करते थे अंग्रेजों ने भारत पर शासन क्रूर तरीके से किया। वे जो चाहते थे उनके चमचे वही करते थे क्योंकि जनता इन चमचों की सुनती थी। इसके बदले में अंग्रेज इन चमचों को बड़ी जागीरें, विदेशी कपड़े, सिगार, विदेश की यात्राएं आदि कहने का मतलब शबाब व शराब भी। जो अंग्रेजों के खिलाफ होते थे वे उनको फांसी की सजा दे देते थे या काले पानी की सजा के लिए अंडेमान व निकोबार में जोलों में सडऩे के लिए भेज देते थे। अंग्रेज चाहते थे कि भारत टुकड़ों में बंट जाए। इसके लिए उन्होंने काले नेताओं की फौज खड़ी की। जिन्हा को कहा कि वह मुसलमानों के लिए अलग देश की मांग करे,उसको वे समर्थन देंगे। जिन्ंहा ने वैसा ही किया। अंग्रेजों ने भारते के काले राजनेताओं को कहा कि वे भी उनकी बात माने। न नुकर का ड्रामा करने के बाद वे भी मान गए। इसके बाद अंग्रेज चाहते थे कि देश का एक और टुकड़ा किया जाए जिसका नाम दलिस्तान होगा। इसके लिए उन्होंने काले अंग्रेजों को चोगे डाले कि वे ऐसा करें। लेकिन यह चाल कामयाब नहीं हो सकी क्योंकि इसी समय लाखों दलित हिन्दुओं को पाकिस्तान से बाकि हिन्दुओं के साथ विस्थापति होकर भा

हिन्दू अपने बच्चों का नाम प्राण नहीं रखते

हिन्दू अपने बच्चों का नाम प्राण नहीं रखते आपने फिल्मी किरदार प्राण के बारे में तो सुुना ही होगा। बालीवुड में अपनी एक्टिंग से धमाल मचाले वाले 70 के दशक के महान कलाकार प्राण की आपने फिल्में तो देखी होंगी। प्राण ने हर तरह के रोल अदा किए लेकिन उन्हें विलेन के रूप में ही ख्याति मिली। फिल्म में प्राण का नाम आने से दर्शकों में मनों में कौतुहल पैदा हो जाता।   दिल्ली में जन्मे प्राण का पूरा नाम प्राण कृष्ण सिकंद था और उनके पिता लाला केवल कृष्ण सिकंद एक सरकारी ठेकेदार थे। प्राण खुद भी कम आकर्षक नही थे लेकिन उनकी दिली ख्वाहिश कैमरे के पीछे रहकर फोटोग्राफी करने की ही थी 7 लाहौर में उन्होंने बतौर फोटोग्राफर भी काम किया लेकिन ये संयोग था कि कैमरे को शायद उनकी शक्लो-सुरत ज्यादा पसंद आ गयी और वो कैमरे के आगे आ गए। उनकी खनकदार आवाज के लोग आज भी दीवाने हैं। 1940 में उन्हें यमला जट नाम की पंजाबी फिल्म में पहली बार अभिनय करने का मौका मिला। आजादी से पहले तक प्राण ने लाहौर में करीब 22 फिल्मो में काम किया लेकिन आजादी और बंटवारे के बाद वो मुम्बई आ गए। यहां संघर्ष का नया सिलसिला शुरू हुआ। चूँकि इससे पहले

फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर-समीक्षा

फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर-समीक्षा फिल्म गैंग्स ऑफ वसेपुर नफरत, प्रतिशोध, राजनीतिक चालबाजियां, भ्रष्टाचार व अपराध का एक बड़ी होशियारी से तानाबाना बुन कर फिल्म को दर्शकों के सामने परोसा गया है। अपराधियों का चित्रण इतने गौरवशाली तरीके से किया गया है कि कहीं भी नहीं लगता कि वे अपराध कर रहे हैं। जैसे अपराध करना एक गौरवशाली धंधा हो। हत्याएं तो फिल्म में ऐसे की जाती हैं कि जैसे कोई महान खिलाड़ी पेले जैसा फुटबाल का गोल करके दर्शकों की तालियां व अभिवादन प्राप्त करता है। दर्शक अपराधी के द्वारा हत्याएं करने पर तालियां बजाते हैं। फिल्म में यह बताया गया है कि भोले-भाले लोगों को आपस में राजनीतिज्ञों द्वारा लड़ाया जा रहा है। दर्शक  वामपंथियों व सैकुलरों की टोली की तरफ से रचे गए ताने-बाने में ऐसे फंसा दिए जाते हैं कि एक वर्ग को लगता है वे लोग हिंसा व बम धमाके,रंगदारी करते हैं हत्याएं करते हैं वे असल में मजबूरी के मारे हैं,बहुत ही भोले भाले। एक अन्य वर्ग इस तरह ग्लानि फील करता है कि ये जो अपराधी हैं वे तो राजनेताओं ने ही पैदा किए हैं। इस तरह तिलक व गले में माला डाले राजनेताओं को दूषित मानसिकता वाला द

temple gives employment to people also

do you know one temple gives employment to more than 100 people directly and 25000 indiretly ? see how 1 flower seller 2 grain seller 3 oil seller (shani temple) 4. bells sellers 5 iron gate maker 6 carpet seller7 7 marble seller 8 mutri maker (idol) 9 water cooler seller 10 Agatbatti, doof seller 11 fan seller 12 electrician 13 plumber 14 milk seller 15 bulbs, lights and tube seller 16 ac sellers 17 buildres 18 temple makes masons 19 Raj mistry 20 cement companies 21 telephone companies 22 carpenter 23 photographers and movie makers 24 singers 25 katha wachk 26 priests 27 musicians 28 musical instrument makers and sellers. 29 confectioners (prasaadam.) 30 artists 31 cow shelter ( chaara growers and sellers) 32 pots makers 33 writers,book sellers and publishers. etc. and many others, list is very long. moral: make more temples and give employment and spiritualism to the peoples. warning: corporate sectors, big deras are destroying this culture and are snatching money in the names

मंदिर व संत महापुरूष किस तरह रोजगार के साधन बन सकते हैं

़ मंदिर व संत महापुरूष किस तरह रोजगार के साधन बन सकते हैं आज हमारे हिन्दू समाज के युवा बेरोजगार हैं। जो योग्य व धनी परिवारों से संबंध रखते हैं या जिनके परिवार पहले से ही ऊंचे पदों पर तैनात हैं, वे कैसे अन्य वंचितों की मदद कर सकते हैं, इस बारे में हम चर्चा करेंगे। हर मंदिर को ऐसा बनाना चाहिए जहां से लोग पूजा तो कर कर सकें साथ ही रोजगार प्राप्त करने में भी मंदिर प्रबंधक दिशा-निर्देशक बन सकते हैं। हर मंदिर प्रबंधक कमेटी व भक्तों को थोड़ी-थोड़ी जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए क्योंकि यहां से भक्त धर्म से जुड़ते हैं। मंदिर प्रबंधक कमेटी के सदस्य मंदिर में बाल शिक्षा केन्द्र जहां  से बच्चों को चाहे सप्ताह में एक दिन संस्कृत के श्लोक व धर्म की शिक्षा हो। बच्चों को धर्म के बारे में ज्ञान दिया जाए। एक मंदिर ब्यूटीपर्लर का, दूसरा हेयर कङ्क्षटग का, तीसरा टेलरिंग आदि रोजगारोन्मुखी कार्यशाला चलाएं तो क्षेत्र में कई हिन्दू युवतियों व युवाओं को काम मिल सकता है। मंदिर के भक्त जगराते, भागवत आदि पर लाखों खर्च करते हैं, अच्छी बात है लेकिन रोजगार उप्लब्ध करवान के लिए भी प्रयास करने चाहिएं। इसके लिए फं

रोगों व कष्टों के नाश के लिए अचूक मंत्र

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रोगों व कष्टों के नाश के लिए अचूक मंत्र  for more information call or wats app +91 98726 65620 मानव रोगों,कष्टों से घिर जाता है। अचूक मंत्रों का जाप करने से वह रोग मुक्त हो जाता है। हम इसके लिए आपको लघु महामृत्युंजय-जप का विधान बताएंगे। मंत्र- ओम जूं स: (जिसके नाम से किया जाए) पालय पालय स: जूं ओम।। इस मंत्र का 11 लाख जप तथा एक लाख दस हजार दशांश का जप करने सब प्रकार के रोगों का नाश हो जाता है। इतना न हो तो कम से कम एक लाख जप और साढ़े 12 जप करके यंत्र को हाथ में बांध देना चाहिए।  श्री महामृत्युंजय कवच यंत्रम - भोजपत्र पर अष्टमगंध से यंत्र लिखकर गुगुल का धूप देकर पुरुष के दाहिने और स्त्री के बाएं हाथ में बांध देना चाहिए। गोत्र, पिता का नाम पुत्र या पुत्री (रोगी) का नाम यथास्थान लिख देना चाहिए। साथ में रुद्राक्ष से महामृत्युंजय जप करते रहें। दीर्घ आयु व रोग नाश के लिए महामृत्युंजय मंत्र ओम हौं जूं स: ओम भूर्भव: स्व:। ओम त्रियम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम ् । उव्र्वारुकमिव बन्धनात ्  मृत्योर्मुक्षीय मामृतात ् । स्व: भुव: भू: ओम। स: जूं हौं ओम । अर्थ- हम परमपिता त्रिअम्बकं

शत्रुभय से मुक्ति व केस में जीत के लिए मंत्र

शत्रुभय से मुक्ति व केस में जीत के लिए मंत्र आपक ा अदालत में केस चल रहा है और आपको केस में विजय प्राप्त करनी है तो आपको अचूक मंत्र का जप करने की जरूरत है। आप शत्रु को हर हाल में हरा सकते हैं। मंत्र- ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ओम ग्लौं हुं क्लीं स: ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल ऐं हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा ओम।। इस मंत्र का जाप श्रद्धापूर्वक प्रतिदिन श्रीभगवती माता का ध्यान करते हुए करें, श्री दुर्गा सप्तशती में से सिद्धकुंचिका स्तोत्र का पाठ करें। इस मंत्र का जप एक माला प्रतिदिन करें। अंत में सिद्धकुंच्जिका स्तोत्र का पाठ करें। भगवती दुर्गा के समक्ष जीत के लिए प्रार्थना करें, आपको सफलता मिलेगी। www.bhrigupandit.com for more informatin call or whatsapp +91 98726 65620

पुत्र संतति प्रदायक है संतान गोपाल मंत्र

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पुत्र संतति प्रदायक है संतान गोपाल मंत्र भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की प्रतिमा अथवा चित्र के सामने नियमित रूप से धूप-दीप जलाकर संकल्पपूर्वक प्रतिदिन एक या तीन माला का पाठ करने से निश्चय ही मनोवांछित पुत्र संतान प्राप्त होती है। सवा लाख संख्या में पाठ करना शुभ एवम लाभदायक रहता है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी या किसी शुभ मुहूत्र्त में पाठ शुरु करना चाहिए। पाठ स्वयं विधिपूर्वक अथवा किसी योग्य ब्राह्मण से श्रद्धापूर्वक करवाना लाभदायक होता है। विनियोग- अस्य श्री संतानगोपालमंत्रस्य श्री नारद ऋषि: अनुष्टुप छंद: श्री कृष्णोदेवता,ग्लौं बीजम, नम: शक्ति पुत्रार्थे जपे विनियोग:। अंगन्यास- देवकी सुत गोविंद हृदयाय नम:, वासुदेव जगत्पते शिरसे स्वाहा, देही में तनय कृष्ण शिखाए वषट्,त्वामहं शरणं गत: कवचाय हुम्, ओम नम: अस्त्राय फट्।। ध्यान- वैकुंठादागतं कृष्णं रथस्थं करुणानिधम् । किरीटसारथिं पुत्रमानयन्तं परात्परम ् ।। 1।। आदाय तं जलस्थं च गुरवे वैदिकाय च। अपर्यन्तं महाभागं ध्यायेत ् पुत्रार्थमच्युतम ्।।2।। मूल मंत्र- ओम श्रीं ह्रृीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देही मे तनयं कृष

Mantra for pregnant mother- गर्भ की रक्षा के लिए उपयोगी मंत्र

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गर्भ की रक्षा के लिए उपयोगी मंत्र मां अपने बच्चे की सुरक्षा व रक्षा के हर  कदम उठा सकती है। मां के लिए उसके बच्चे से बढ़कर इस दुनिया में कुछ भी नहीं है। मां बच्चे को जन्म देने के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाल लेती है। रह मां यही चाहती है कि उसकी होने वाली संतान स्वस्थ और भाग्यशाली हो। संतान के जीवन में कोई परेशानी न आए। वैसै तो ज्योतिष शास्त्र में कई अचूक मंत्र हैं जिसके विधिवत जप करने से होने वाली संतान की गर्भ में रक्षा हो जाती है। इस मंत्र का जाप मां स्वयं भी कर सकती है व योग्य ब्राह्मण से भी करवा सकती है। इस मंत्र को भोज पत्र में लिखवा कर अपनी बाजूू या अपने पास भी रख सकती है।  Read More- When will i Get pregnant horoscope? garbh raksha mantra-   गर्भ की रक्षा के लिए उपयोगी मंत्र जिस महिला को गर्भ धारण में असुविधा हो रही हो या गर्भ बार-बार गिर जाता हो,उस स्त्री की बाईं बाजू अथवा कमर में यंत्र बांध देने से गर्भ स्थिर हो जाता है। इस यंत्र को भोजपत्र पर रविवार के दिन मूला नक्षत्र में अनार की कलम से लिखकर तांबे के तबीज में रखकर बांधना चाहिए। इस मंत्र को 3 बार जरूर पढऩा चाहिए। &qu

व्यापार में वृद्धि तथा व्यापार-बंधन निरस्तीकरण के लिए उपयोगी मंत्र

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व्यापार में वृद्धि तथा व्यापार-बंधन निरस्तीकरण  के लिए उपयोगी मंत्र यदि आपका व्यापार नहीं चल रहा और आपको घाटा पड़ रहा है तो हम आपको उपयोगी मंत्र बताएंगे। इसके उपयोग से आपका काम चल पड़ेगा। मंत्र है- ओम दक्षिण भैरवाय भूत-प्रेत बंध, तंत्र-बंध निग्रहनी,सर्वशत्रु संहारिणी कार्य सिद्धि कुरु-कुरु स्वाहा।। इसका प्रयोग करने की विधि है- गोरोचन, कपूर,गुलाल और छार,छबीला को समान मात्रा में लेकर उन्हें पीसकरआपस में मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें। इसके बाद मिश्रण को उपरोक्त मंत्र से 108 बार अभिमंत्रित करें। इस अभिमंत्रित मिश्रण को उपरोक्त मंत्र का ही निरंतर जाप करते हुए सुबह दुकान खोलने से पहले दुकान के सामने बिखेर कर दुकान खोल लें। किसी रविवार से शुरु करके यह प्रयोग निरंतर 5 दिन तक करना चाहिए। प्रतिदिन प्रयोग विधि एक समान रहेगी। इस प्रयोग के प्रभाव से दुकान पर किया बंधन दूर हो जाएगा और व्यापार निर्बाध रूप से आगे बढ़ेगा। लाभ में बढ़ौतरी होगी तथा ग्राहकों की संख्या में भी बढ़ौतरी होगी। इस मंत्र को हर रोज 108 बार जप करने से लाभ होगा। for more information call or whatsapp +91 98726 65620 www.bhrig

नींव, खनन, भूमि पूजन एवम शिलान्यास मूहूर्त

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नींव, खनन, भूमि पूजन एवम शिलान्यास मुहूर्त  किसी भी कार्य को करने के लिए समय व तिथी का निर्धारण किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में शुभ मुहूर्त का बहुत ही महत्व है । यह वैसा ही है जैसे किसी भी फसल का बीज डालने के लिए उचित समय व मौसम को देखा जाता है। कोई भी फसल तभी पूरी तरह से प्रफुल्लित होती है जब उस फसल को उसके मौसम में बोया जाता है। इसी प्रकार शुभ मुहूर्तों का भी बहुत ही महत्व है। नींव, खनन, शिलान्यास, भूमि पूजन आदि के लिए पंचाग को देखकर शुभ मुहूर्त निकाले जाते हैं। इन्हीं शुभ मुहूर्तों को मुख्या आधार मानकर धार्मिक व शुभ कार्य  किए जाते हैं। 1. नींव, खनन, शिलान्यास, भूमि पूजन के लिए शुभ तिथियां  2. भूमि पूजन के लिए 2018 में तिथियां व समय 3. नींव, खनन, शिलान्यास, भूमि पूजन के लिए 2019 में शुभ तिथियां  4. नींव, खनन, शिलान्यास, भूमि पूजन के लिए 2020 -2021 में शुभ तिथियां  5. लैंटर,छत डालना, इलैक्ट्रिक वायरिंग और स्तम्भ खड़े करने काल में पंचक नक्षत्रों का विचार 6 गृह निर्माण आदि के लिए शुभ मुहूर्तों की जानकारी नींव शिलान्यास एवम गृह निर्माण आदि के शुभ मुहूर्त  में गृह स्व

बच्चे के मुंडन के 2021 में शुभ मुहूर्त, मुंडन जरूरी क्यों हैं

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Image result for mundan ceremony cards बच्चे के मुंडन के 2020 में शुभ मुहूर्त, मुंडन जरूरी क्यों हैं x x हम जानकारी के लिए बालक के मुंडन से संबंधित शुभ मुहूर्त बता रहे हैं। देश-विदेश में बैठे करोड़ोंसनातनी हिन्दू लोग जिन्हें  शुभ तिथियों के बारे में जानकारी नहीं मिलती है उनकी सुविधा के लिए हम 2018 के शुभ मुंडन मुहूर्त पंचाग के  अनुसार बताएंगे। मुंडन के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं।   वैशाख मास 2018 यानि अप्रैल में शुभ मुहूर्त  हैं। 27 अप्रैल को 14.01 बजे के बाद,28 अप्रैल को 7.12 बजे तक, 29 अप्रैल को 6.38 के बाद, 30 अप्रैल को 10.22 तक, 10 मई को 10.58 तक, 16 जून को 11.36 से 14.46 तक, 22 जून व 23 जून सारा दिन, 3 जुलाई सारा दिन, 8 जुलाई 7.38 तक, 14 जुलाई सारा दिन। आवश्यक परिस्थितियों में/ अथवा परम्परया शारदीय नवरात्रों में मुंडन मुहूत्र्त 11 अक्तूबर 10.31 तक मुंडन का समय अच्छा है। 2019 में मुंडन के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं- 21 जनवरी को पुष्य नक्षत्र है,यह सारा दिन मुंडन के लिए बढिय़ा है। 26 जनवरी को सारा दिन, 27 को 9.28 बजे तक,  31 जनवरी

भटोया गांव में स्थित है सैनी गोत्र के जठेरों का पवित्र स्थान

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भटोया गांव में स्थित है ANNEH सैनी गोत्र के जठेरों का पवित्र स्थान महान सैनी गोत्र के जठेरे गुरदासपुर जिले के भटोया गांव में स्थित हैं। देश-विदेश से हर साल लाखों की संख्या में सैनी गोत्र के वंशज यहां प्रार्थना करने आते हैं और प्रभु का सुमिरन करते हुए अपने जठेरों को माथा टेकते हैं। बाबा बोड़ह के नाम से प्रसिद्ध गांव भटोया में स्तिथ इस जठेरों के मंदिर में भगवान शिव का सुंदर मंदिर है। शिव परिवार की मूर्तियां बहुत ही मनमोहक हैं। एकदम शांत वातावरण आपको अलौकिक अनुभव करवाता है। इस स्थान पर वैसे को हर धर्म का इंसान नतमस्तक होता है लेकिन सैनी समाज के लोगों की असीम श्रद्धा देखकर मन भावुक हो जाता है। वहां पर माता-पिता अपने बेटे की शादी के लिए सुच्चे मुंह माथा टेकने आते हैं। इसके बाद ही वे शादी के लिए जाते हैं। शादी के बाद फिर से  यहां आते हैं और वर-वधु के साथ माथा टेकते हैं। जेठेरों पर माता माथा टेकते भावुक होती है। इन जठेरों की शक्ति के कारण ही इस समाज ने जितनी तरक्की की है शायद ही किसी अन्य समाज ने की हो। भारत-पाकिस्तान बनने के बाद अपने धर्म को बचाने के लिए सैनी समाज के लोग गुरदासपुर,प

Astrologer in Urmar Tanda | top Astrologer in Tanda -bhrigupandit - 98726 65620

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astrologer in Urmar Tanda call orwhatsapp +91 98726 65620 Ratings & Reviews of astrologer bhrigupandit ji. Be the first to review astrologer b. Write Reviews. Thrigupandit ji. Thank you for your rating and reviewing this service! Select the service for which you are writing review for this business. Select. Astrology services; Astrology products. How would you rate the business? Top recommended Astrologers in Urmar Tanda, Hoshiarpur. Find Pandits For Marriage, Palmists, Numerologists, Nadi Astrologers, Vastu Shastra Consultants, Tarot Card Readers in Urmar Tanda, Hoshiarpur. Get Phone Numbers, Address, Reviews, Photos, Maps for top Astrologers in Urmar Tanda, Hoshiarpur on www.bhrigupandit.com astrologer in Urmar Tanda astrologer bhrigupanditji is the best and famous astrologer in Urmar Tanda.astrologer in Urmar Tanda | bhrigupandit | 98726 65620 astrologer bhrigu pandit ji is the Vashikaran Specialist in India. He is the world famous astrologer in India. He is the b